रोहड़ू। गवास गांव में शांतड़ी अनुष्ठान के दौरान आस्था का उल्लास पूरी रात बना रहा। रातभर नाटियों का दौर चलता रहा। खूंदों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली। कड़ाके की ठंड के बीच लोगों का जोश कम नहीं हुआ। हजारों खूंदों ने अपने-अपने तंबुओं में रात गुजारी और पारंपरिक रस्मों में सहभागी बने रहे। सुबह के समय गवास गांव का तापमान शून्य से लगभग पांच डिग्री नीचे दर्ज किया गया। इतनी भीषण ठंड में भी श्रद्धालु और ग्रामीण ठंड लगने पर नाटी डालते रहे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकनृत्य की लय ने पूरे वातावरण को उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम देखने के लिए देररात तक लोग अलाव के सहारे डटे रहे। यह आयोजन क्षेत्र की जीवंत लोकसंस्कृति और परंपरागत एकता की मिसाल बनकर उभरा। गांव में ठंड और भक्ति का यह अनूठा संगम दिन भर चर्चा का विषय बना रहा।