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Rampur Bushahar News: शैक्षणिक संस्थानों में हो रहे यौन शोषण के खिलाफ एसएफआई का प्रदर्शन

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एसएफ आई इकाइ रामपुर कॉलेज में धरना प्रदर्शन करते हुए। संवाद
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ओडिशा में हुई घटना पर जताया रोष, हिमाचल में बढ़ रहे मामलों पर भी जताई चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ओडिशा में छात्रा के साथ यौन शोषण और हिमाचल प्रदेश में छात्राओं के साथ बढ़ते यौन उत्पीड़न के विरोध में रामपुर कॉलेज परिसर में एसएफआई ने धरना-प्रदर्शन किया। रामपुर इकाई सचिव दिव्या ने कहा कि फकीर मोहन कॉलेज, बालासोर में हुई भयावह घटना पर भारी रोष हैं। एक छात्रा ने लंबे समय तक यौन उत्पीड़न और प्रशासनिक उपेक्षा के बाद कॉलेज परिसर में आत्मदाह किया। इसे बचाने की कोशिश में उसके दो दोस्त भी घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। जिला उपाध्यक्ष राहुल विद्यार्थी ने कहा कि जांच का उद्देश्य न्याय दिलाने की बजाय आरोपी प्रोफेसर को बचाना रहा। फरवरी 2024 में भुवनेश्वर स्थित आईआईटी विश्वविद्यालय में एक नेपाल मूल की छात्रा से यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। हमारे अपने राज्य हिमाचल प्रदेश में भी एक इस तरह की घटना सामने आई है, जो बेहद शर्मनाक घटना है। शिमला के एक सरकारी स्कूल में छट्ठी कक्षा की एक छात्रा के साथ शिक्षक ने यौन उत्पीड़न किया। सिरमौर में एक सरकारी स्कूल की 24 छात्राओं ने शिक्षक के अनुचित तरीके से छूने की शिकायत की थी। शैक्षणिक संस्थानों में बार-बार हो रही यौन उत्पीड़न की घटनाएं बयान कर रही है कि छात्राएं शैक्षणिक संस्थाओं में कितनी असुरक्षित हैं। इकाई अध्यक्ष पूजा ने कहा कि दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में यूनियन कार्यालय के अंदर एक लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया, जो टीएमसी के संरक्षण में उत्पीड़न का केंद्र बन गया है। एसएफआई रामपुर इकाई मांग करती है कि ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। फकीर मोहन कॉलेज के आरोपी प्रोफेसर, पुलिस अधिकारियों, आईसीसी सदस्यों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और समयबद्ध जांच करवाई जाए। शिमला में छेड़छाड़ मामले में आरोपी शिक्षक को आपदाधिक दंड दिया जाए और छात्रों को उचित विवरण दिया जाए। पूजा ने कहा कि यह सब घटनाएं संस्थानों में लिंग संवेदनशील कमेटी का न होना है। संस्थानों में पॉश एक्ट अधिनियम और सभी संस्थानों में कार्यशील लिंग संवेदनशील कमेटी का गठन करने की मांग उठाई।
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