निरमंड कॉलेज में एसएफआई इकाई ने जनरल हाउस का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। महाविद्यालय निरमंड में एसएफआई इकाई ने मंगलवार को जनरल हाउस का आयोजन किया। जनरल हाउस में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। जनरल हाउस में प्रथम संगठित छात्र आंदोलन की स्थापना, स्वतंत्रता से पहले और बाद भारत में हुए परिवर्तनकारी सामाजिक आंदोलनों में छात्रों की भूमिका पर जागरूक किया। जिला उपाध्यक्ष राहुल विद्यार्थी ने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व और बाद भारत में जितने भी परिवर्तनकारी सामाजिक आंदोलन हुए, उनमें मनुष्य और समाज दोनों परस्पर पूरक हैं और छात्र इसका एक अभिन्न अंग हैं। एक के बिना दूसरे का स्थायित्व संभव नहीं है। छात्र शक्ति समाज को सुधारने और उसे मजबूत करने वाली घटकों में से एक है। राहुल ने कहा कि छात्र आंदोलन का सामान्य मिजाज विद्रोही बना रहा है। 1929 का मेरठ षड्यंत्र मामला, भगत सिंह की फांसी, जतिन दास की जेल में 63 दिनों की लंबी भूख-हड़ताल और चटगांव शस्त्रागार पर हमले का छात्रों पर गहरा प्रभाव पड़ा। राहुल विद्यार्थी ने देश और प्रदेश में छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ छात्रों को संगठित होकर संघर्ष तेज करना होगा। निरमंड महाविद्यालय के स्थायी भवन को लेकर लामबंद होकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। इस दौरान मधु, ख़िलेश, दिव्या, हर्ष, साहिल और पल्लवी सहित अन्य उपस्थित रहे।