एसएफआई कार्यकर्ता मांगो को लेकर प्रदर्शन करते हुए। संवाद
सरकार के खिलाफ बस अड्डा रामपुर में जमकर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बस अड्डा रामपुर में एसएफआई ने नई शिक्षा नीति और स्कूल बंद करने के खिलाफ प्रदर्शन किया। नई शिक्षा नीति से शिक्षा का निजीकरण और व्यापारीकरण हो रहा है। वहीं, सरकारी स्कूल बंद करने से गरीब तबके के बच्चे शिक्षा से वंचित रह रहे हैं। एसएफआई रामपुर इकाई की अध्यक्ष पूजा ने कहा कि सरकार सुनियोजित तरीके से सरकारी स्कूलों को बंदकर शिक्षा को निजी हाथों में सौंप रही है। यह कदम न केवल शिक्षा के अधिकार पर हमला है, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे पर आघात है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने से स्कूल-कॉलेजों में फीस लगातार बढ़ रही है। शिक्षा आम छात्र की पहुंच से बाहर होती जा रही है। इकाई ने प्रदर्शन के माध्यम से सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। इसके अलावा नई शिक्षा नीति को रद्द करने, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संरचना को मजबूत करने की मांग उठाई। वहीं, छात्रों से वसूली जा रही मनमानी फीस पर रोक लगाने, सभी बच्चों के लिए निशुल्क सामान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, शिक्षकों की नियमित नियुक्ति करने और अस्थायी प्रणाली खत्म करने की भी मांग उठाई है। वहीं, चेताया है कि यदि सरकार शिक्षा पर हमला जारी रखेगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। आने वाले दिनों में विरोध-प्रदर्शन, रैलियां, पैदल मार्च और विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।