ननखड़ी में आयोजित बैठक में चर्चा करते मिड डे मील कर्मचारी। संवाद
. ननखड़ी में बैठक में कई मुद्दे गरमाए, सरकार की कार्यप्रणाली पर जताया रोष
. चेताया, यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो यूनियन तेज करेगी संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लंबित मांगें पूरी न होने पर मिड-डे मील कर्मचारियों में सरकार की कार्यशैली को लेकर रोष है। ननखड़ी में आयोजित बैठक में कर्मचारियों ने आगामी प्रस्तावित प्रदेश व्यापी हड़ताल समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर मंथन किया और आगामी रूपरेखा तैयार की। मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू की खंड इकाई ननखड़ी की बैठक रमेश की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार से मांग उठाई कि 13,500 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। यूनियन महासचिव कौशल्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में मिड-डे मील कर्मियों के लिए केवल 500 रुपये की बढ़ोतरी की है, जो इस महंगाई के दौर में बहुत कम है। 5,500 रुपये मासिक वेतन में परिवार के भरण-पोषण का संकट मंडरा रहा है। सरकार की मिड-डे मील कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 22 जून को एक दिवसीय प्रदेशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए खंड स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। मिड-डे मील कर्मियों ने चेेताया कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गई, तो यूनियन आगामी समय में संघर्ष तेज करेगी। बैठक में अंजना, कलावती, अमिता, आशा, रक्षा, शर्ता, परमिला, कलावती, नगीना, मीनू, शांति, सुभद्रा और बुद्धि सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।