चौपाल उपमंडल के आठ में से सात पशु चिकित्सालयों में चिकित्सक नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को पशुओं के इलाज में कठिनाई हो रही है और कई बार समय पर उपचार न मिलने से पशु मर जाते हैं। ग्रामवासियों ने सरकार से शीघ्र चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की है।
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल के आठ पशु चिकित्सालयों में से सात में चिकित्सक नहीं हैं। इस कारण ग्रामीणों को मवेशियों का उपचार करवाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही पशु चिकित्सालयों में दवाइयां भी नहीं मिल रही हैं। कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा भी सही ढंग से नहीं मिल पाती है। फार्मासिस्ट के सहारे चिकित्सालय चल रहे हैं। दो-दो जगह का कार्यभार संभालने के लिए फार्मासिस्ट को कई किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। कई बार समय पर उपचार न मिलने से पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। प्रधान परिषद चौपाल के अध्यक्ष शशि चौहान और ग्रामवासियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि सभी पशु चिकित्सालयों में शीघ्र चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उपमंडल चौपाल के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव मेहता ने बताया कि समय-समय पर खाली पदों की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाती है।