संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में आउटसोर्स पर तैनात आठ नर्सों की अगले माह सेवाएं समाप्त होने वाली हैं, वहीं अस्पताल में लंबे समय से जर्नल सर्जन का पद खाली चल रहा है। जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो परेशानी बढ़ जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया। इस दौरान अस्पताल में रोगियों की सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गई। सिविल अस्पताल रोहडू रोगी कल्याण समिति की बैठक एसडीएम धर्मेश रमोत्रा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विशेष रूप से क्षेत्र के विधायक व रोगी कल्याण समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य मोहन लाल ब्राक्टा उपस्थित रहे। रोहड़ू कल्याण समिति के सदस्य सचिव डाॅ नरेश मेटान ने सालभर की गतिविधियों का ब्योरा सामने रखा। उन्होंने कहा अस्पताल के स्पेशल वार्ड में कुछ जरूरी सुविधाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा। इस दौरान खराब शौचालय की मुरम्मत, अस्पताल में मेडिकल उपकरणों की खरीद, रखरखाव की चर्चा के बाद सभी सदस्यों की सहमति पर मंंजूरी दी गई। वित्त वर्ष 2024-25 का लेखा-जोखा रखा गया। इस दौरान अस्पताल के अधीक्षक डाॅ रविंद्र शर्मा ने खर्चाें के ब्योरे पर सदस्यों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में वर्तमान में डाॅक्टरों के 22 पद हैं, जबकि स्टाफ नर्साें की कमी चल रही है। फरवरी में आठ आउटसोर्स पर तैनात नर्साें की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। विधायक ने स्टाफ से समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके साथ अस्पताल में लंबे समय से खाली चल रहे जनरल सर्जन के पद पर विशेषज्ञ सर्जन की नियुक्ति की मांग भी रखी गई। इस अवसर पर सभी सदस्यों की सहमति से अस्पताल में मरीजों के साथ आमजन की सुविधा के लिए बेहतर सुविधाओं का प्लान तैयार किया गया। इसमें अस्पताल में मौजूदा सरकारी टेस्ट लैब में मुफ्त व बेहतर सेवाएं देने, स्पेशल वार्डों के रख-रखाव, ओपीडी व विभिन्न वार्डों में बने शौचालयों की मुरम्मत व रख-रखाव करने का प्लान जल्द लागू करने का निर्णय लिया गया। साथ ही अस्पताल के सभागार में फर्नीचर की व्यवस्था व सुविधाओं को तय समय में पूरा करने के मामले रखे गए। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका, नगर परिषद उपाध्यक्ष सुजय अग्रवाल, व्यापारमंडल अध्यक्ष जगमोहन भावटा सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी समिति के सदस्य उपस्थित थे।