समेज स्कूल की समस्या के समाधान के लिए विभागीय टीम के साथ निरीक्षण करते एसडीएम। संवाद
समेज में एसडीएम ने टीम के साथ किया निरीक्षण
दो साल से स्कूल भवन न होने से बच्चों की पढ़ाई अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रही
निरीक्षण के बाद लोगों ने जताई ठोस कदम उठाने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)।
वर्ष 2024 की भीषण बाढ़ में प्राथमिक पाठशाला समेज का भवन ध्वस्त हो गया था। इसके बाद से यहां के छोटे बच्चे तिरपाल के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मंगलवार को एसडीएम निरमंड ने टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण किया गया। स्कूल भवन न होने से बच्चों की पढ़ाई अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रही है। बारिश, ठंड और खराब मौसम में बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी होती है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए ऐसी व्यवस्था अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। निरीक्षण के दौरान स्कूल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया। बच्चों के लिए स्थायी भवन की आवश्यकता पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जरूरी व्यवस्थाओं पर बात की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा के दो साल बाद भी स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2024 की आपदा के बाद लंबा समय बीत चुका है। स्कूल भवन की समस्या का स्थायी हल अभी तक नहीं निकल पाया है। बच्चों को मजबूरी में अस्थायी व्यवस्था में पढ़ना पड़ रहा है। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि निरीक्षण के बाद भवन निर्माण जल्द शुरू किया जाए। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मंगलवार के निरीक्षण के बाद ठोस कदम उठाए जाएंगे। समेज स्कूल के बच्चों को जल्द सुरक्षित और उचित भवन मिलेगा। बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, यह क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग है। स्थायी स्कूल भवन का निर्माण उनकी प्राथमिकता है।