चांसू स्कूल को गोद लेने के लिए 103 वर्षीय भगत राम सरयान को आग्रह पत्र सौंपते पूर्व प्रधान। संवा
पूर्व प्रधान ने पत्र लिखकर किया आग्रह, सरकारी स्कूल की ओर बच्चों को रुझान बढ़ाने की पहल
बुजुर्ग भगत राम सरयान ने कहा- मेरे साथ बेटे निभाएंगे जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के चांसू गांव में 103 वर्षीय बुजुर्ग की छाया में चांसू स्कूल संवरेगा।
यह पहल
समाज सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण की एक मिसाल है। चांसू पंचायत के पूर्व प्रधान अनिल कुमार ने गांव के सबसे बुजुर्ग और सम्मानित नागरिक 103 वर्षीय भगत राम सरयान को पत्र लिखकर राजकीय प्राथमिक स्कूल चांसू को गोद लेने का आग्रह किया है। यह पहल शिक्षा की नींव को और मजबूत करेगी। पूर्व प्रधान ने भगत राम सरयान के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को इसी सरकारी स्कूल से पढ़ाया है। इनका एक बेटा नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी है और दूसरा बेटा आईटीबीपी में कार्यरत है। वह स्वयं एक बागवानी हैं। वहीं, 103 वर्षीय भगत राम सरयान ने बताया कि मैंं स्कूल को गोद लेने को तैयार हूं। मेरे साथ और मेरे बाद इस जिम्मेदारी को मेरे बेटे भी निभाते रहेंगे। पूर्व प्रधान ने बताया कि पत्र का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूल की सुविधाओं को निजी स्कूलों के स्तर तक ले जाना है, ताकि गांव के बच्चों का रुझान सरकारी शिक्षा की ओर बढ़े। गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े और वे अपने गांव में ही अच्छी शिक्षा पाकर देश सेवा में योगदान दे सकें। बुजुर्गों के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की यह एक प्रेरणादायक कोशिश है। चांसू पंचायत के पूर्व प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि 103 वर्ष की आयु में भगत राम सरयान जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति का साथ मिलना न केवल स्कूल के लिए, बल्कि पूरे किन्नौर जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस अपील के बाद स्कूल के कायाकल्प की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।