रचोली पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल एसएमसी अध्यक्ष ज्योति लाल की अध्यक्षता में क्षेत्रीय परिवहन अ
2 किलोमीटर पैदल जंगल के रास्ते से घर जाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के मिडिल स्कूल और प्राथमिक स्कूल पशाडा के लिए बस बंद होने से स्कूली बच्चों को परेशान होना पड़ रहा है। स्कूल के बच्चे सुबह और शाम के समय दो किलोमीटर जंगल के रास्ते से जाने को मजबूर हैं। सोमवार को रचोली पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल एसएमसी अध्यक्ष ज्योति लाल की अध्यक्षता में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रामपुर से मिला और रामपुर से सुंडा के लिए चलने वाली बस को वाया पशाडा चलाने की मांग उठाई। एसएमसी अध्यक्ष ज्योति लाल ने बताया कि मिडिल और प्राइमरी स्कूल पशाडा के बंद होने के बाद कई छात्र रचोली और रामपुर के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, बच्चों को स्कूल आने के लिए पशाडा से बस सुविधा मिल रही है, लेकिन वापसी में कोई बस न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में रामपुर से दोपहर 3:15 बजे सुंडा के लिए चलने वाली बस केवल सांद कैंची तक जाती है, जिससे छात्रों को करीब दो किलोमीटर का पैदल सफर कर जंगल के रास्ते घर पहुंचना पड़ता है। यह रास्ता न केवल कठिन है, बल्कि असुरक्षित भी है, जिससे बच्चों के अभिभावक चिंतित रहते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुंडा जाने वाली बस को वाया पशाडा चलाया जाए। इस मौके पर कपिल, निशा, सरोज और उषा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। पथ परिवहन निगम रामपुर के आरएम अजय गुप्ता ने कहा कि शिखरधार रूट बंद है। इसे जल्द बहाल कर दिया जाएगा, ताकि पशाडा के लिए स्कूल के बच्चों को बस सेवा का लाभ मिल सके।