काजा (लाहौल स्पीति)।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रस्तावित काजा दौरे से पहले सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जनता की शिकायतों और मांगों को सीधे प्राप्त कर उनका त्वरित निवारण करना है। अतिरिक्त उपायुक्त स्पीति शिखा ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायतों के दो क्लस्टर रंगरिक और ताबो बनाए गए हैं। पहले क्लस्टर रंगरिक में लालुंग, लंग्जा, हल, लारा, डेमुल, डंखर, काजा, किब्बर, लोसर और खुरिक की पंचायतें शामिल हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन क्लस्टर स्थलों पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी अपने-अपने विभागों से संबंधित आम जनता द्वारा प्रस्तुत शिकायतों और मांगों की गहन जांच करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी सभी प्राप्त शिकायतों की विभागवार स्थिति संकलित करेंगे। यह समेकित रिकॉर्ड आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय को प्रस्तुत किया जाएगा। यह व्यवस्था शिकायतों के प्रभावी प्रबंधन और समयबद्ध समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।