संजीवनी संस्था ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को सौंपा ज्ञापन, समाधान की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। संजीवनी संस्था का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष महेंद्र धर्माणी की अध्यक्षता में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग उठाई कि सरकार चिट्टा मुक्ति के सभी पहलुओं पर आधारित एक समग्र योजना बनाए। साथ ही नशामुक्ति केंद्रों की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य किए जाने, पुलिस विभाग के नारकोटिक्स विंग को और अधिक सशक्त बनाने, पुलिस की कार्रवाई को जनता के प्रति जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाए जाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। चिट्टे पर चोट कार्यशाला में सामने आए प्रमुख बिंदुओं और सुझावों पर आधारित एक रिपोर्ट भी राज्यपाल को सौंपी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केवल इवेंट आधारित गतिविधियों से नहीं, बल्कि चिट्टा मुक्ति के सभी पहलुओं पर आधारित एक समग्र योजना बनाई जाए। कहा कि माता-पिता के सक्रिय सहयोग से ही इस गंभीर सामाजिक समस्या से स्थायी निजात पाई जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल में संस्था के सलाहकार जोगिंद्र कंवर, उपाध्यक्ष रतन ठाकुर और महासचिव नरेश शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें हाल ही में बिलासपुर की ग्राम पंचायत बरमाणा के गांव लघट में महिलाओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को प्रमुखता से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों, विशेषकर महिलाओं पर की गई कार्रवाई समाज में नकारात्मक संदेश देती है। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए, जिससे नशा विरोधी अभियानों को बल मिले और समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके।