फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: केसर की खेती के लिए उपयुक्त है सांगला क्षेत्र

Sat, 29 Apr 2023 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
विज्ञापन
सांगला तहसील के अंर्तगत कूप्पा में केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर कृ
विज्ञापन
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर में विश्व की सबसे महंगी फसल केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। जिला कृषि अधिकारी किन्नौर डाॅ. ओपी बंसल ने बताया कि केसर समुद्र तल से 1500 से 1800 मीटर की ऊंचाई पर शुष्क और सम शीतोष्ण जलवायु में उगाया जाता है।
विज्ञापन

भोगौलिक दृष्टि से किन्नौर की जलवायु केसर की खेती के लिए अनुकूल है। जिले का सांगला क्षेत्र केसर की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। केसर की खेती होने से जहां किसानों और बागवानों को अच्छी आमदनी प्राप्त होगी वहीं प्रदेश की आर्थिकी में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि केसर में औषधीय गुण होते हैं जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने सहित कई बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। देश में केसर की मांग लगभग 100 टन है बल्कि पैदावार लगभग 6 से 8 टन ही हो रही है। वर्तमान में केसर की पैदावार केवल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, किश्तवाड़ जिले में हो रही है।
विज्ञापन

केसर की खेती को जिला किन्नौर में बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग और सीएसआईआर आईएचबीटी पालमपुर के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में सीएसआईआर आईएचबीटी पालमपुर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक राकेश कुमार ने जिले के किसानों को बताया कि केसर की बिजाई से एक माह पहले खेत को तैयार करना होता है।
सितंबर के पहले सप्ताह में इसकी बिजाई होती है। केसर का बीज उत्पादन भी एक अच्छा विकल्प है। सांगला तहसील के किल्बा गांव की निवासी गंगा बिष्ट और सांगला के नितिश कुमार ने बताया कि केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण शिविरों में भाग लिया। वर्तमान में वे अपने खेतों में केसर की खेती कर रहे हैं।
विज्ञापन

000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें