चिड़गांव (रोहड़ू)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चिड़गांव खंड में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसमें स्वयंसेवकों ने अनुशासन और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक मूरत सिंह रूपटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि हिमाचल शिक्षा समिति के प्रांत अध्यक्ष मोहन केसटा ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार रखे। मोहन केसटा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, भविष्य की योजनाओं और वर्तमान वैश्विक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए संघ द्वारा बताए गए पंच परिवर्तन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।