7 से 8 किलोमीटर पैदल सफर करने को मजबूर ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
रोहड़ू–छुपाड़ी–भोलाड़ रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) बसों की खराब स्थिति से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रूट पर बसें अक्सर बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और बीमार लोगों को होती है, जिन्हें कई बार 7 से 8 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। लोअर कोटी पंचायत के प्रधान प्रताप चौहान ने कहा कि 24 जून को कांशनूधार के पास और 25 जून को भोलाड़ रूट पर बस बीच रास्ते में खराब हो गई। इससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बारे में कई बार एचआरटीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि बसें समय पर भी नहीं चलती हैं, जिससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों और मरीजों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। क्षेत्रवासियों ने एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की है कि रोहड़ू–छुपाड़ी–भोलाड़ रूट पर तकनीकी रूप से फिट बसें संचालित की जाएं और बसों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।