बरी से कंडा के लिए सडक़ निर्माण में जुटी जेसीबी मशीन
बरी से कंडा तक रोजाना 10 से 15 ग्रामीण चार किलोमीटर सड़क निर्माण में जुटे
सेब सहित अन्य नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में होगी आसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निचार खंड की बरी पंचायत के ग्रामीण श्रम, दान और एकता के साथ खुद अपने गांव के लिए विकास की राह निकालने में जुटे हैं। बरी से कंडा तक रोजाना 10 से 15 लोग श्रमदान कर सड़क बनाने के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। इस सड़क निर्माण के लिए कोई जमीन दे रहा है, तो किसी के सेब के पौधे भी इस सड़क निर्माण की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का मकसद गांव को सड़क सुविधा से जोड़कर जीवनयापन को आसान बनाना है। इसके लिए सभी एकता की मिसाल पैदा कर रहे हैं। गौर हो कि इन दिनों बरी के सतकुटिंग से बॉलपानचे कंडे के लिए चार किलोमीटर सड़क का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। ग्रामीणों के सहयोग और प्रयासों से बरी कंडे के लिए सड़क का निर्माण हो रहा है। इसमें बरी पंचायत, सड़क कमेटी बरी और समस्त ग्रामवासी अपनी-अपनी भागीदारी दे रहे हैं। शुक्रवार को बरी के किरण कुमार के बगीचे से करीब डेढ़ सौ मीटर सड़क निकाली गई। इसमें 30 रॉयल के 25 से 30 साल के फलदार चपेट में आ गए। गांव के गरीब परिवार से संबंध रखने वाले किरण कुमार ने सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है और बड़े-बड़े 30 रॉयल के सेब पौधों का नुकसान भी झेला है। ऐसे में किरण कुमार समस्त ग्राम वासियों के लिए एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। किरण कुमार ने कहा कि सड़क गांव के विकास का मुख्य आधार रहता है, इसलिए सड़क को खोलने में हम सभी को दिल बड़ा रखकर अपनी जमीन देनी चाहिए। वहीं, बरी पंचायत के पूर्व प्रधान योगराज नेगी ने बताया कि यह कार्य बरी गांव के लिए ऐतिहासिक एवं आर्थिक दृष्टि से लाभदायक साबित होगा। सेब सहित अन्य नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी। सड़क निर्माण के दौरान शुक्रवार को नाग मंदिर के मोतमीन सोमराज, रोड कमेटी के सदस्य विनोद सिंटू, योगराज नेगी, रतन सिंह काल्या, रामप्रकाश, हरबंस, श्रवण नेगी, शशि कपूर, चेतराम, प्रताप नेगी, भूषण और विक्रांत सहित अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।