माटल पंयायत के क्यार क्यारी गांव की सड़क को बनाने में जुटे लोग। संवाद
कंधे पर उठाकर अव्यवस्था का बोझ ग्रामीणों ने खुद बहाल की सड़क
भूस्खलन से अगस्त में बंद हो गई थी क्यार और क्यारी गांव की सड़क, लोग थे परेशान
क्यार और क्यारी गांव के लोगों ने चंदा एकत्रित कर और खुद मजदूरी कर बहाल की सड़क
अनदेखी के बाद खुद सड़क को बहाल करने का उठाया बीड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)।
माटल पंचायत के क्यार और क्यारी गांवों को जोड़ने वाली संपर्क सड़क को लोक निर्माण विभाग बहाल नहीं कर पाया, तो ग्रामीण खुद आगे आए और एकजुट होकर सड़क को ठीक करने का बीड़ा उठाया। अब ग्रामीणों के प्रयास से सड़क वाहनों के लिए बहाल हो गई है। बरसात के दौरान अगस्त में भूस्खलन से क्यार और क्यारी गांव को जोड़ने वाली सड़क बंद हो गई थी। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसी व्यक्ति के बीमार पड़ जाने पर उसे उठाकर कई किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ रहा था। रास्ता कठिन और जोखिमभरा होने के कारण लोगों को डर बना रहता कि कहीं मरीज रास्ते में ही दम न तोड़ दे। क्यार और क्यारी गांव की करीब 95 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति बस्ती से संबंधित है। दुर्गम क्षेत्र में कठिन हालात के बावजूद ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। गांव की पंचायत प्रधान की अगुवाई में लोगों ने प्रशासन और विभाग का इंतजार किए बिना खुद ही सड़क को बहाल करने का बीड़ा उठाया। गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से आपस में चंदा इकट्ठा किया। जेसीबी मशीन किराये पर लेकर कर खुद ही सड़क की मरम्मत शुरू कर दी। पुरुषों और महिलाओं ने मिलकर पत्थर ढोने, डोंगे देने और मिट्टी भरने का सारा काम अपने हाथों से किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि एकता और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। हमने इंतजार करना छोड़ दिया और खुद ही अपनी राह बनाई। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस जनसहयोग से बने कार्य को गंभीरता से लेगा और जल्द ही इस सड़क की स्थायी मरम्मत करवाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराई जाए। इस कार्य में जोगिंद्र सिंह, मंगत राम, जगदीश सिंह, मनोज कुमार, हेम राज, कमलेश कुमार, विनू, कली राम, बंटी, दीपक चौहान, संजय चौहान, सीता राम, कमाल चंद, सालिग राम, मोहन लाल, मनोज, अजय, हेम राज, मदन आदि ग्रामवासी शामिल रहे। यह घटना न सिर्फ चौपाल क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे हिमाचल के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है कि जब लोग एकजुट हों, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नही होती है।