. नोगली में मुख्यमंत्री की जनसभा में समस्याएं रखने का नहीं मिला मौका : मेहता
. दो घंटे इंतजार के बाद महज औपचारिकता पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं करांगला पंचायत प्रधान ज्ञान मेहता ने ननखड़ी के पंचायत प्रतिनिधियों की कथित उपेक्षा पर रोष जताया है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि 3 अक्तूबर को ननखड़ी तहसील के पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों और वार्ड सदस्यों को मुख्यमंत्री की नोगली में आयोजित जनसभा में पंचायतों की मांगें और समस्याएं रखने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने के बाद पहले सराहन क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद रामपुर और ननखड़ी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को मंच की ओर बुलाया गया, लेकिन पुलिस ने उन्हें करीब दो घंटे तक रोककर रखा। जब अतिथियों और वक्ताओं के संबोधन समाप्त हो गए तो एक-दो पंचायत प्रतिनिधियों को मंच पर बुलाकर महज औपचारिकता पूरी कर दी गई। किसी भी प्रतिनिधि को अपनी पंचायतों की वास्तविक समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का अवसर नहीं मिला। मेहता ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि जनता की उम्मीदें और समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन अपनी बात न रख पाने से उनमें निराशा और रोष है। कई प्रतिनिधि बिना भोजन किए ही कार्यक्रम से लौट गए। उन्होंने कार्यक्रम में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का उल्लेख न किए जाने पर भी खेद जताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता और प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में लड़ा गया था और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी जनता की समस्याएं सरकार के समक्ष रखने का पूरा अधिकार और अवसर मिलना चाहिए। उन्हें केवल औपचारिकता तक सीमित रखना उचित नहीं है। इस घटनाक्रम से ननखड़ी के पंचायत प्रतिनिधियों में रोष, निराशा और खेद है।