ऊपरी शिमला, आउटर सिराज के मंदिरों के कपाट बंद
मंदिरों में नहीं हो पाएंगे कोई भी शुभ कार्य
ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर विदा किए देवी-देवता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मकर संक्रांति पर्व पर ऊपरी शिमला और कुल्लू जिले के देवी-देवता एक महीने के लिए स्वर्ग प्रवास पर चले गए हैं। देवी-देवताओं के गूरों और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर अपने इष्ट देवी-देवताओं को विदाई दी। अब एक महीने के लिए मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और क्षेत्रभर शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। बुधवार को नरेशर लक्ष्मी नारायण मंदिर कुमसू, देवता साहित जाख रचोली, महारुद्र देवता साहिब काजल गसो, दत्त महाराज बसाहरा, राई नाग करतोट, लक्ष्मी नारायण मझेवली स्वर्ग प्रवास पर निकले। इनके अलावा लक्ष्मी नारायण किन्नू, नाग देवता साहिब बौंडा, देवता साहिब दमुख डंसा, दोगणू देवता साहिब लालसा, गुरु महाराज यज्ञेश्वर शिंगला और देवता साहिब झाहरू नाग शनेरी समेत कई अन्य देवी देवता एक महीने के प्रवास पर निकले। महारूद्र देवता काजल गसो मंदिर कमेटी के अध्यक्ष हीरा सिंह और विनोद खौश ने कहा कि मंदिर में देवता साहिब की पूजा-अर्चना के बाद विदाई दी गई। देव संसद में भाग लेने के लिए अधिकांश देवी-देवता एक महीने के प्रवास पर रहेंगे। कुछ देवी-देवता एक पखवाड़े के अंदर अपने मंदिर लौटेंगे। कई देवी-देवता एक सप्ताह के अंतराल में देवालय आएंगे। स्वर्ग प्रवास के बाद देवी-देवता अपने गूरों के माध्यम से वर्ष भर का अच्छा और बुरा फलादेश सुनाएंगे। सालभर में फसलें कैसी रहेंगी, प्राकृतिक आपदा और बीमारियों को लेकर भविष्यवाणी करेंगे।