दलाश (कुल्लू)। दलाश पंचायत के चपोहल गांव में आयोजित श्रीरामचरितमानस कथा के पांचवें दिन भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। व्यास आचार्य डॉ. दयानंद गौतम ने श्री राम कथा का वर्णन करते हुए राजा दशरथ के कुलगुरु वशिष्ठ जी की ओर से भगवान श्रीराम के नामकरण संस्कार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. गौतम ने कहा कि भक्ति ही वह मार्ग है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में शांति स्थापित कर सकता है। परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर सकता है। कथा के दौरान भजन गायक लाल सिंह और राकेश शर्मा ने अपने भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।