. अल्ट्रासाउंड और एक्सरे सेवाएं बंद, मरीज बेहाल
. चेताया-जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो होगा उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला मुख्यालय के क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी किन्नौर के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार ने अस्पताल की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जिले का सबसे बड़ा अस्पताल आज खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रहा है। अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण स्थानीय जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल में लंबे समय से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद पड़ी है। साथ ही एक्सरे समेत कई अन्य जरूरी टेस्ट और जांच सुविधाएं भी सुचारु रूप से नहीं चल रही हैं। अस्पताल में टेस्ट न होने के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को मजबूरन निजी लैबों और बाहरी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनपर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किन्नौर एक कठिन, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्र है। ऐसे इलाके में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना उनका बुनियादी अधिकार है, लेकिन वर्तमान सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में शिमला या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस लंबे सफर के कारण कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। यदि जल्द ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और अन्य जांच सुविधाएं बहाल नहीं की गईं और विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत तकनीकी स्टाफ की कमी को दूर नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरने, उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जनजातीय क्षेत्र के लोगों की दिक्कतों को समझते हुए अस्पताल की व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए, ताकि गरीब जनता को घरद्वार पर ही इलाज मिल सके।