किन्नौर जिले के कल्पा में आयोजित मेले में लोग नृत्य करते हुए। संवाद
तीन साल बाद भक्तों ने ब्रह्मा, विष्णु की मुख्य मूर्तियों के किए दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिला के कल्पा में सोमवार को राथिन पर्व ग्रामीणों ने स्थानीय देवता ब्रह्मा, विष्णु, नारायण और नागिन के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाया। कल्पा में हर तीन वर्ष बाद राथिन पर्व और शोकच मेला मनाया जाता है। मेले में स्थानीय देवता ब्रह्मा, विष्णु जी के सभी मुख्य मूर्तियों को भक्तों के दर्शन के लिए बाहर निकाला जाता है। ब्रह्मा, विष्णु, नारायण और नागिन देवी जी के मोतमीन गौतम सिंह नेगी ने बताया कि राथिन पर्व के अवसर पर ब्रह्मा, विष्णु जी के मुख्य मूर्तियों को दर्शन के लिए बाहर निकाला जाता है। 60 से 77 कारदार मिलकर इस पर्व के लिए सात ढंग व्रत करते हैं। उसके बाद ही उन्हें देवता की मुख्य मूर्तियों को हाथ लगाने का सौभाग्य प्राप्त होता है। राथिन पर्व और शोकच मेला एक ही वर्ष में आता है। राथिन पर्व को ब्रह्मा, विष्णु जी तय करते है। शोकच पर्व दिसंबर के महीने में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। डोबोर मनाने के लिए नारायण और नागिन देवी जी विष्णु मंदिर में आते हैं। उसके बाद ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा पहन कर पारंपरिक लोक नृत्य किया जाता है। पर्व में जो भी लोग अपनी मनोकामना लेकर देवता जी के पास आते हैं, उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। यह पर्व बहुत पहले से ही इसी तरह एक रात, एक दिन तक मनाया जा रहा है।