फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल गुणवत्ता की जांच रही अमृत मित्र

विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से महिलाओं की आर्थिकी हो रही सुदृढ़, पेयजल की नियमित जांच से लोगों को मिल रहा स्वच्छ पानी
विज्ञापन


पेयजल गुणवत्ता और बिल कलेक्शन का कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूह

सुभाष सेन

रामपुर बुशहर। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के लिए रोजगार के द्वार खुले हैं। इसके तहत प्रशिक्षण प्राप्त अमृत मित्र महिलाएं नगर परिषद रामपुर में पेयजल की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के बिल से संबंधित कार्य कर रही हैं। जल शक्ति विभाग और नगर परिषद के साझे प्रयास से महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ उनकी आर्थिकी मजबूत हो रही है। मिशन के तहत इन दिनों नगर परिषद रामपुर के विभिन्न वार्डों में पेयजल की गुणवत्ता जांची जा रही है। फिल्ड वाटर टेस्टिंग किट के जरिये गुटों में बंटी महिलाएं पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच कर रही हैं। गौर हो कि जलशक्ति विभाग और नगर परिषद के संयुक्त तत्वाधान में डलहौजी, चंबा, हमीरपुर और रामपुर बुशहर में अमृत मित्रों को पेयजल गुणवत्ता और बिलों के आवंटन से संबंधित विभिन्न कार्य सौंपे गए हैं। पायलट परियोजना के तहत उक्त शहरों में गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को डे-एनएलयूएम योजना के तहत कार्य सौंपे गए हैं। योजना के तहत जल शक्ति विभाग की ओर से चयनित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कार्य दिए गए हैं। इसके लिए विभाग ने बाकायदा एक वर्ष के टेंडर करवाए हैं, जबकि बजट का प्रावधान शहरी विकास विभाग की ओर से किया जा रहा है। योजना के तहत जल शक्ति विभाग रामपुर ने दस-दस लाख रुपये के टेंडर लगाए हैं। रामपुर नगर परिषद के दो स्वयं सहायता समूहों की अमृत मित्र विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर, पेयजल भंडारण टैंक और सार्वजनिक स्थानों पर लगे नलों में आ रही पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता जांच रही हैं। दोनों स्वयं सहायता समूहों की छह-छह महिलाओं के समूह इन कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। एक ओर जहां शहर की पेयजल आपूर्ति की जांच हो रही है, वहीं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आर्थिकी भी मजबूत हो रही है। जल शक्ति विभाग रामपुर के एसडीओ बीरबल मोदी ने बताया कि अमृत मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के साथ दस-दस लाख के टेंडर किए गए हैं, जिसकी अवधि एक वर्ष रहेगी। बीते दो माह ये महिलाएं शहर में घर-घर जाकर पेयजल के नमूनों की फिल्ड टेस्ट किट से जांच और बिल से संबंधित कार्य कर रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें