ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल उन्नू महादेव में भूस्खलन से मंदिर का दोमंजिला सराय भवन जमींदोज हो गया है। गनीमत है कि घटना के समय सराय के भीतर कोई नहीं था अन्यथा जानी नुकसान हो सकता था। उस समय मंदिर के पुजारी और सेवक यहां से थोड़ी दूर महादेव के धुने के समीप सो रहे थे।
मंदिर के पुजारी शंभू ने बताया कि बुधवार सुबह करीब चार बजे अचानक बड़ी-बड़ी चट्टानें सराय भवन पर गिरीं और पलभर में ही दो मंजिला पभवन मिट्टी के ढेर में तबदील हो गया। सूचना मिलते ही एसडीएम रामपुर निशांत तोमर के निर्देश पर नायब तहसीलदार सराहन भीम सेन नेगी, ज्यूरी पुलिस चौकी प्रभारी सुनील दत्त नेगी और पटवारी अशोक कुमार के साथ मौके का जायजा लेने उन्नू महादेव मंदिर पहुंचे।
नायब तहसीलदार ने नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर के पुजारी और सेवक के लिए गैस सिलिंडर सहित राशन का तुरंत इंतजाम करवाया। उन्होंने मलबे को हटाने के लिए मशीन की व्यवस्था करवाने के भी निर्देश दिए, जिससे मलबे में दबा प्राकृतिक गर्म पानी का स्रोत और दबा सामान निकाला जा सके।
गौर हो कि उन्नू महादेव हजारों लोगों की आस्था का केंद्र होने से हर रोज मंदिर में दर्शन करने और प्राकृतिक गर्म पानी के कुंड में स्नान के लिए भी सैंकड़ों लोग पहुंचते हैं। उन्नू महादेव मंदिर के महंत बाबा मस्तगिरी और श्रीखंड कैलाश छड़ी यात्रा समिति के प्रधान सुदर्शन सहगल ने बताया कि भूस्खलन के कारण मंदिर की सराय मलबे में तबदील हो गई है। ज्यूरी पंचायत प्रधान तांपा देवी, उपप्रधान अरूण शर्मा, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकांता और सोहन लाल ने भी सरकार और प्रशासन से क्षतिग्रस्त भवन और गर्म पानी के कुंड को दुरुस्त करने की मांग की है।
नायब तहसीलदार भीम सेन नेगी ने कहा कि मंदिर के पुजारी और सेवकों के लिए गैस सिलिंडर और राशन की व्यवस्था करवा दी गई है। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मंदिर परिसर में किसी के भी जाने पर रोक लगा दी गई है। मंदिर के पुजारी और सेवक को भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। मशीन से मलबे को हटाने की व्यवस्था की जा रही है।