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बीएड में बढ़ी 20,000 फीस, छात्रों को लूट रहा शिक्षा विभाग : राहुल

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एसएफआई ने चेताया, फीस बढ़ोतरी का निर्णय वापस नहीं लिया तो प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। प्रदेश की दोनों सरकारें भारी-भरकम फीस बढ़ोतरी कर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डालती रही है। सरकार लगातार नए नियमों को लेकर छात्रों पर आर्थिक वार कर रही है। यह बात एसएफआई लोकल कमेटी सचिव राहुल विद्यार्थी ने प्रेस को जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि नए सत्र से बीएड करने वाले विद्यार्थियों की फीस में बढ़ोतरी हो रही है। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी ने अपने अधीन आने वाले निजी बीएड कॉलेजों में करीब 20,000 रुपये फीस बढ़ा दी है। इसकी अधिसूचना तीन फरवरी को उच्च शिक्षा निदेशक से विवि को मिली थी। अधिसूचना के आधार पर ही फीस में बढ़ोतरी की गई है। फीस का ढांचा निजी बीएड कॉलेजों में सत्र 2024 से 2027 के लिए जारी कर दिया गया है। दो वर्षीय बीएड प्रोग्राम में विभिन्न प्रकार की फीस में बढ़ोतरी होती रही है। इकाई अध्यक्ष स्वाति ने कहा कि नए सत्र से बीएड में फीस वृद्धि को लेकर सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी ने अपने अधीन आने वाले निजी बीएड कॉलेजों में फीस बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिसूचना के आधार पर 20,000 फीस में बढ़ोतरी करने वाला निर्णय छात्रों को लूटने वाला फरमान है। एक तरफ प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर भारी भरकम फीस बढ़ाकर छात्रों की जेबों में डाका डालना चाहती है। प्रदेश भर में बीएड की करीब 8,000 से ज्यादा सीटें निजी कॉलेज में हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बीएड में 20,000 रुपये फीस वृद्धि करके प्रदेशभर के गरीब छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करके सरकारी शिक्षा को पूर्ण रूप से निजी हाथों में देने की साजिश हो रही है। एसएफआई ने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के प्रशासन से मांग की कि तुरंत प्रभाव से इस निर्णय को वापस लिया जाए, अन्यथा एसएफआई प्रदेशभर के छात्रों को लामबंद करते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
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