आपदा के समय खल्टुनाला में क्षतिग्रस्त सड़क की कोई नहीं ले रहा सुध, ग्रामीणों ने खुद लगाया था डंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। उबादेश क्षेत्र की छह पंचायताें को जोड़ने वाली गुम्मा-बाघी सड़क पर खल्टूनाला में अस्थायी डंगे के सहारे वाहनों की आवाजाही हो रही है। हैरानी इस बात की है कि पिछले आठ माह से मार्ग पर हजारों लोग इस डंगे के सहारे मार्ग से गुजर रहे हैं लेकिन इसे दुरुस्त करने के लिए विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। विभाग की लापरवाही के कारण हजारों लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी राेष है।बीते वर्ष जुलाई में आई आपदा के समय गुम्मा-बाघी सड़क पर खल्टुनाला में भूस्खलन होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस वजह से कई दिनों तक सड़क बंद रही। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद मार्ग पर अस्थायी डंगा भी लगाया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सहित बागवानी मंत्री जगत नेगी भी खल्टुनाला में क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण कर पक्का डंगा लगाने आश्वासन दे चुके हैं लेकिन तबसे लेकर आज तक मार्ग पर पक्का डंगा नहीं लगा है। आठ माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी अशोक जस्टा, राजपाल , सुनील चौहान, विनीत घासटा, पंकज ऑेक्टा, प्रदीप भोलटा, विजय भारद्वाज, सतीश हिमटा, राकेश शर्मा, रितेश चौहान, घनश्याम, अशोक सघेईक, बानू लाल, राजीब डोटका, जय सिंह, राकेश लाइक ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़क को सुरक्षित करने के लिए डंगे लगाने की मुहिम अधर में लटकी है। इस वजह से ग्रामीणों के लगाए अस्थायी डंगे के सहारे वाहनों की आवाजाही चल रही है। उन्होंने कहा कि अस्थायी डंगा कभी भी ढह सकता है। सरकार समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहता पक्का डंगा नहीं लगाया गया तो ग्रामीणों को मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा।
कोट्स
डंगे का निर्माण करने के लिए अस्टिमेट बनाकर स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही डंगे के टेंडर लगाए जाएंगे।
अखिल चौहान, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग कोटखाई