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Rampur Bushahar News: राज्य स्तरीय रोहड़ू मेला शुरू, नहीं सज का बाजार

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मेले में अभी तक सजीं मात्र 100 दुकानें, प्रशासन की लेटलतीफी के कारण स्टाॅलों के लिए नहीं मिल रहे व्यापारी
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देरी से सूचना और नीलामी को माना जा रहा वजह, व्यापारियों को सता रही घाटे की चिंता

संवाद न्यूज एजेंसी

रोहड़ू। राज्य स्तरीय राेहड़ू मेला शनिवार से शुरू हो गया है लेकिन इस मेले की फीकी रौनक से लोग सकते में हैं। हैरानी इस बात की है कि पिछले सालों में जहां पहले से बाजार में दुकानें सजना शुरू हो जाती थी तो इस बार अभी तक महज 100 स्टाॅल ही सजे हैं। जबकि चारपाइयां भी नाममात्र की ही लगीं हैं। माना जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन की लेटलतीफी के चलते व्यापारियों को दुकानें सजाने का समय ही नहीं मिल सका है। प्रशासन की ओर से मेले के लिए राेहड़ू बाजार में 15 हजार स्क्वायर फिट क्षेत्र में स्टाॅल लगाने के लिए जगह की नीलामी की थी। 200 रुपये प्रति स्क्वायर सेंटीमीटर की दरों पर दुकानें सजाने का टेंडर आवंटित किया गया। इसमें प्रशासन ने करीब 120 दुकानें और 240 चारपाइयां लगाने की रुपरेखा तैयार की गई थी। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 100 दुकानें प्रशासन की ओर से घटा दी गई हैं, लेकिन जिन लोगों ने टेंडर लिया है, उनके पास सभी स्टाॅलों के लिए व्यापारी नहीं मिल रहे हैं। हालांकि किसी तरह से सौ दुकानें तो सज गई हैं, लेकिन चारपाइयां अभी भी नाममात्र की ही लगीं हैं। बाजार में हर साल मेले के उपलक्ष्य पर शुभारंभ से पहले दुकानें सज जाती थीं, लेकिन इस बार मेले का आरंभ तो हो गया, लेकिन दुकानें अभी भी नहीं सजी है। इसके पीछे स्थानीय प्रशासन की लेटलतीफी को मुख्य वजह माना जा रहा है। हालत इस बार ऐसी है कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों को समय पर सूचना तक नहीं मिली। इससे कारोबारी नहीं पहुंच पाए। यही वजह है कि अब दुकानें लगाने के लिए समय कम रहने के कारण व्यापारी भी स्टाॅल लेने से डर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार उन्हें इस बार मेले की व्यवस्था रास नहीं आ रही है। ऐसे में उन्हें नुकसान का खतरा सता रहा है। उत्तर प्रदेश से आए व्यापारी रिजवान, दिल्ली से आए व्यापारी सुरेश कुमार, कश्मीर से आए व्यापारी वहानी तारीक ने बताया कि मेला आरंभ होने से पहले हमेशा हमारी दुकानें सज जाती थीं, लेकिन इस बार उन्हें समय पर सूचना ही नहीं मिली। स्टाॅलों की नीलामी भी देरी से हुई। दुकानें लगाने के लिए दस दिन का समय ही दिया गया है। ऐसे में सामान लगाकर दुकान सजाने में दो से तीन दिन बीत जाएंगे। ऐसे में कम समय में मेला लगाना उनके लिए घाटे का सौदा हो सकता है।
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