दलाश (कुल्लू)। दलाश के ऐतिहासिक ऋषि पंचमी मेले की सांस्कृतिक संध्या में लोकगायिका पूनम सरमैक ने खूब समा बांधा। पूनम सरमैक ने एक से बढ़कर एक पहाड़ी गीत गाकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या में सबसे पहले ठाकुर रघुवीर सिंह ने तेरी बसी लोई दिला दी गंगाराम, ऊची ऊची बर्फीली चोटी, कुल्लू मनाली लागो मेला, प्यारी संजना, रुक्मणी ओ, मेरा प्यार वो है जो, बेलूऐ बूरा आया जमाना जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। इसके बाद लोक गायिका पूनम सरमैक ने मंच संभाला। उन्होंने पंजाबी, फिल्मी और पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
पूनम ने सबसे पहले पंजाबी गीत कैसी हैं ये दूरियां, मेरे रश्के कमर, पातो पानो रा, लाल चिड़िये, घरा री चाबी, काला धाटू जचदा, रोहड़ू जाना मेरी आमिये और तेरी आंखों रा काजल गीत गाकर पंडाल में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रात्रि सांस्कृतिक संध्या में मंच का संचालन ललित शर्मा ने किया।