जंगलों से फूल इकट्ठा कर शरबत, जैम और चटनी बनाने में जुटीं क्षेत्र की महिलाएं
बैसाख के महीने में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खिलते हैं बुरांश के फूल
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। आउटर सराज की खूबसूरत वादियां इन दिनों बुरांश के फूलों से महक रही है। ये फूल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बेहद लाभदायक माने जाते हैं। बुरांश के फूल देखने में जितने ख़ूबसूरत होते हैं, इस फूल के औषधि गुण उससे भी ज्यादा हैं। बुरांश के फूलों को आज भी घरों को सजाने के अलावा इसे शरबत, जैम और चटनी बनाने में खूब इस्तेमाल किया जाता है। कुठेड़ पंचायत और अन्य पंचायत की महिला मंडल सदस्य फूल से शरबत और जैम बना रही हैं। फूलों को सुखाकर इनसे चटनी बनाई जाती है। नित्थर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों एडशी, बुआई, लोट पंचायत और शिल्ली पंचायत के ऊपरी इलाकों सहित कुठेड़ पंचायत में बहुत अधिक मात्रा में ये फूल पाए जाते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि पहले के समय में कई आयुर्वेदिक औषधि बनाने में फूल को उपयोग में लाया जाता है। यह गुणकारी फूल आज कल आउटर सराज के वनों की शोभा बढ़ा रहा है।