रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में इस वर्ष हुई भारी बरसात ने करोड़ों की क्षति पहुंचाई है। सबसे अधिक नुकसान जीवन रेखा कहलाए जाने वाली सड़कों को पहुंचा हैं। डेढ़ माह के बाद भी उपमंडल के दुर्गम इलाकों की सड़ें बंद पड़ी हैं। ऐसे में हजारों लोगों को आवाजाही में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
उपमंडल की छह मुख्य मार्ग बाधित होने से करीब डेढ़ दर्जन पंचायतों का संपर्क अभी भी कटा हुआ है। इन्हें बहाल करने में लोक निर्माण विभाग युद्धस्तर पर जुटा हुआ है। उपमंडल में जहां विभिन्न विभागों को नुकसान हुआ है, वहीं लोक निर्माण विभाग की करीब सौ सड़कों को 110 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति पहुंची है। अब मौसम साफ हुए कई दिन बीत गए हैं, लेकिन ग्रामीणों की परेशानियां अभी भी बरकरार हैं। उपमंडल के दुर्गम क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है। इससे हजारों ग्रामीणों को आवाजाही करना और राशन समेत अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानियां उन क्षेत्रों के बागवान झेल रहे हैं, जहां इन दिनों सेब सीजन चल रहा है।
रामपुर तहसील के 12/20 क्षेत्र की कूहल, देवठी, मुनिश, काशापाट, दरकाली, सराहन, किन्नू, फांचा, लबाना सदाना, सरपारा, गानवीं और ननखड़ी तहसील की गाहन, बगलती, खड़ाहन, करांगला और खमाड़ी पंचायतों में यातायात व्यवस्था ठप होने से लोग परेशान हैं। भारी बारिश से इन क्षेत्रों को जाेड़ने वाले मार्गों के कहीं डंगे ढह गए हैं, तो कहीं सड़क कट गई है। कई जगह सड़क का बड़ा हिस्सा ढह गया है, जिससे मार्ग बहाल करने में समय लग रहा है।
हालांकि विभाग इन सड़कों को बहाल करने में लगातार जुटा हुआ है लेकिन पहाड़ों से बार-बार हो रहा भूस्खलन सड़क बहाली में बाधा बन रहा है। लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता रजनीश बहल ने बताया कि उपमंडल की छह सड़कें अब भी यातायात के लिए अवरूद्ध हैं। बाधित सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। उपमंडल की सभी सड़कों को जल्द बहाल किया जाएगा।