संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। वीरवार को हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने प्रबंधन के खिलाफ सर्किल कार्यालय रोहड़ू के बाहर दोपहर के भोजनावकाश के दौरान जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने इस दौरान नारेबाजी के दौरान कर्मचारियों ने बोर्ड की बिगड़ती आर्थिक हालात के लिए एमडी को आरोपी ठहराया है। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश उपमहामंत्री प्रशांत शर्मा ने बताया कि नववर्ष 2024 में तनख्वाह और पेंशन नहीं मिली है। प्रदेश उपप्रधान संजीव शर्मा ने बताया की एमडी मीणा बोर्ड की निरंतर बिगड़ती आर्थिक हालत के जिम्मेवार हैं। जिला संगठन सचिव एनडी शर्मा और रोहड़ू यूनिट सचिव खुशी राम ठाकुर ने बताया कि बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा ओपीएस बहाली में किए जा रहे विलंब के कारण बिजली कर्मचारियों में हताशा का माहौल है। इसके अलावा चिड़गांव के आंध्रा में भी बिजली कर्मियों ने यूनिट प्रधान हरिंदर नेगी, यूनिट सचिव सरदार घमटा, जयलाल चौहान, राजिंदर पुंटा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। प्रशांत शर्मा ने बताया कि बोर्ड प्रबंधन हमेशा ही कर्मचारी हित के फैसलों को लागू करने में देरी करता रहा है। पदोन्नति की फाइलों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इसको देखते हुए यूनियन ने कर्मचारियों के हक की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया गया है। इस मौके पर इस मौके पर यूनियन की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रविंद्र जस्टा, सीताराम रेटका, राजकुमार चौहान, नरेश मुखिया, मोहन सिंह चौहान, राजकुमार और दीपकुमार के साथ रोहड़ू यूनिट के वरिष्ठ उपप्रधान भीष्म सिंह ठाकुर, प्रकाश कल्याण, अश्वनी चौहान, सुरमिला सारटा, शशि चौहान और रोहड़ू में कार्यरत बिजली कर्मी रामलाल, महेंद्र सिंह, रोशन लाल, रामलाल और अन्य बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।