बागवानी मंत्री ने बागवानों से बागवानी विभाग से ही बेहतर किस्म के सेब और गुठलीदार पौधे खरीदने को कहा
परवाणु, पठानकोट और बॉर्डर एरिया में विभाग के अधिकारी करेंगे पौधों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश में सेब उत्पादकों के साथ ठगी न हो इसको लेकर बागवानी विभाग को बाहरी राज्यों से आ रहे सेब के पौधों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ये पौधे प्रमाणित नहीं हैं, तो उन्हें जब्त किया जाए। यह बात रामपुर पहुंचे बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कही। उन्होंने कहा कि पौधे खरीदने के मामले में बागवानों का जागरूक होना जरूरी है। बागवान बागवानी विभाग से ही बेहतर किस्म के सेब और अन्य गुठलीदार पौधे खरीदें, जिससे उन्हें भविष्य में परेशानी न झेलनी पड़े। किस ऊंचाई पर कौन सी किस्म के पौधे लगने चाहिए, बागवानों को इसकी जानकारी होना भी जरूरी है। बागवानी विभाग को भी इस बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कर बागवानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग को इस संबंध में अभी और कार्य करने की जरूरत है। विभाग को फिल्ड पर जाकर कार्य करने को लेकर योजना चलाई जाएगी। क्लस्टर और पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इसमें विभाग के अधिकारी, नौणी विश्वविद्यालय और कृषि वैज्ञानिक बागवानों को जागरूक करेंगे। मंत्री जगत सिंह ने कहा कि प्रदेश में मिट्टी परीक्षण की कई लैब थी, जो वर्तमान में कार्य नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर विशेष ध्यान दे रही है। बागवानी विभाग मिट्टी परीक्षण के लिए मोबाइल लैब चलाने की कोशिश करेगी। इसके तहत गांव-गांव जाकर बागवानों के बगीचों की मिट्टी की जांच करवाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फलों की खराब पौध न पहुंचे, इसके लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के बॉर्डर एरिया पठानकोट और परवाणूमें विभाग के लोग तैनात किए जाएं और बाहर से आ रहे पौधों की जांच और प्रमाणीकरण सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में बिना जांच और प्रमाणीकरण की पौधों को नहीं आने दिया जाएगा। बागवानों को भी इस बारे में व्यापक स्तर पर जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बागवानी विभाग को निर्देश दिए जो बाहर से पौधे आ रहे हैं, उसका निरीक्षण करें। अगर वह प्रमाणित नहीं है तो उसे जब्त करें। उन्होंने बागवानों को भी विभाग से पौधे लेने की सलाह दी।