नीरथ में दुग्ध उत्पादकों ने बैठक कर बनाई रणनीति, कहा-सरकार की गलत नीतियों के कारण उत्पादकों का हो रहा शोषण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। दो फरवरी को रामपुर में हजारों दुग्ध उत्पादक मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। मांगें पूरी न होने के कारण नीरथ में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। शनिवार को हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ननखड़ी खंड की बैठक नीरथ में आयोजित हुई। इसमें दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा की गई। साथ ही दो फरवरी को रामपुर मे होने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति भी तैयार की गई। बैठक में हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक देवकी नंद और सह संयोजक काकू कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान और दुग्ध उत्पादक खासे परेशान हैं और उनका शोषण हो रहा है। आज भी सरकार, मिल्क फेडरेशन और निजी कंपनियों द्वारा किसानों को 22 रुपये से लेकर 30 रुपये तक दूध के प्रति लीटर दाम दिए जा रहे हैं। वहीं फीड, दवाई और चोकर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे उत्पादन की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और दुग्ध उत्पादकों को अपना परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। संघ ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई कि दूध का दाम कम से कम 40 रुपये प्रति लीटर, दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले, पशु औषधालय में सभी खाली पद भरने और पशु आहार पर सब्सिडी देने की मांग की है। इस मौके पर जीवानंद, संदीप, अर्जुन वर्मा, खेमचंद, प्रेम सिंह, परस राम, प्रताप सिंह और गोपाल चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।