निरमंड खंड के कई पशु औषधालयों में लटके ताले, पशुपालक परेशान
29 जनवरी को निरमंड में होगा प्रदर्शन, किसान सभा ने बैठककर बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों और पशुपालकों को शोषण हो रहा है। पशुपालकों के लिए कोई स्थायी नीति न बनाने के कारण आज दूध उत्पादन घाटे का सौदा बन गया है। वहीं निरमंड खंड के कई पशु औषधालयों में ताले लटके हैं। इसके कारण समय पर टीकाकरण न होने के कारण कई गाय बांझपन की शिकार हो चुकी है। इससे पशुपालक परेशान हैं। यह बात हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक में संघ के संयोजक देवकी नंद ने कही। बैठक में 29 जनवरी को निरमंड में प्रदर्शन करने का फैसला लिया और रणनीति तैयार की। बैठक में सहसंयोजक कश्मीरी लाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता से वादा किया था कि हमारी सरकार सत्ता में आने के बाद 80 और 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदेगी लेकिन जो घोषणा प्रदेश सरकार ने की है, उसमें केवल 6 रुपये की ही बढ़ोतरी की गई है, जो ऊंट के मुंह मे जीरे के समान है। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की कि दूध के दाम कम से कम 40 रुपये प्रति लीटर किए जाएं। दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले की जाए। इसके साथ ही सभी सोसायटी में दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए टेस्टिंग मशीन लगाई जाए, जिससे दूध की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। पशु औषधालय में रिक्त पद भरने, पशु आहार पर सब्सिडी देने, दूध को एकत्रित करने के लिए नए चिलिंग प्लांट खोलने और दत्तनगर में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट खोलने की भी मांग की गई, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके। दुग्ध उत्पादक संघ निरमंड ब्लॉक के सचिव कश्मीरी लाल ने कहा कि 29 जनवरी को निरमंड मे होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर गांव-गांव में बैठकें, कमेटियां और सदस्यता अभियान चलाए चलाएंगे। इस मौके पर रमेश कुमार, इंद्रा देवी, बिरमा देवी, शांता देवी, सीता देवी, प्रेमा देवी, सुषमा देवी, शीला, बबली, श्याम लाल, कृष्णा, तारा चंद, मनोहर, इंद्रा नेगी और मान दासी सहित अन्य मौजूद रहे।