फरवरी में दुग्ध उत्पादकों की मांगों को लेकर खंड स्तर पर होंगे प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ पनपना रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। दुग्ध उत्पादकों के साथ लंबे समय से सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार ने चुनाव के समय दूध के दाम 80 से 100 रुपये प्रतिलीटर देने का वादा किया था, लेकिन अब उसे पूरा नहीं कर रही है। यह दुग्ध उत्पादकों के साथ धोखा है। यह बात हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के राज्य संयोजक देवकी नंद और सह संयोजक दिनेश मेहता ने जारी संयुक्त बयान में कही। उन्होंने कहा कि फरवरी माह में दूध उत्पादकों की मांगों को लेकर ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा दूध के दामों में सात रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की गई है। इसके लिए संघ ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से दुग्ध उत्पादक संघ के बैनर तले संगठित होकर अपनी आवाज को बुलंद कर रहे थे, यह उसका परिणाम है। संघ ने प्रदेश सरकार को 9 सूत्रीय मांग पत्र दिया था, उसमें केवल एक ही मांग पर अभी सरकार ने कुछ काम किया है, जो काफी कम है। इसमें भी सरकार ने जो नया रेट का चार्ट निकाला है, उसमें भी लोगों को ठगने का काम किया है, क्योंकि पहले फैट 3 प्रतिशत और एसएनएफ 7.3 प्रतिशत थी, उसका दाम 23 रुपये था। जबकि इस बार जो रेट तय हुए हैं, उसमें फैट 3.3 प्रतिशत और एसएनएफ 7.3 प्रतिशत है, उसका रेट 30.57 रुपये तय किया गया है, जो कि दुग्ध उत्पादकों के साथ धोखा है, क्योंकि इसमें फैट की मात्रा को बढ़ाया गया है। संघ ने मांग उठाई कि पुराने चार्ट पर रेट की दरें बढ़नी चाहिए। दुग्ध उत्पादक संघ पशुपालकों की मांगों को लेकर आगे भी संघर्ष करता रहेगा। दूध उत्पादकों की मांगों को उठाता रहेगा।