लढागी में मेले के दौरान रस्म निभाते क्षेत्र वासी। संवाद
आनी ( कुल्लू )। आनी क्षेत्र के आराध्य शमशरी महादेव अपने जतराले मेले के 20वें दिन क्षेत्र की दुर्गम पंचायत लढागी के अपने अधिकार क्षेत्र में पहुंचे। यहां पहुंचने पर हजारों वर्ष पूर्व हुई लड़ाई की रस्म को निभाया गया। क्षेत्र के देवता लक्ष्मी नारायण के कारदार गुरध्यान सिंह ने बताया कि लढागी क्षेत्र पूर्व में दूसरे देवता के अधिकार में था।
शमशरी महादेव ने युद्ध में इसे जीता है। जब भी देवता यहां अपने फेरे में आते हैं, तो उस समय हुए युद्ध की प्रतीकात्मक रूप में रस्म अदायगी की जाती है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व देवता का चार दिन जाओं गांव में ठहराव रहा। इसके बाद रविवार को देवता लढागी गांव पहुंचे। यहां देवता का दो दिन मेला चलता है। यहां पहुंचने के चौथे दिन देवता कोहिला गांव जाएंगे। उन्होंने कहा कि देवता के इस एतिहासिक दौरे के दौरान हर गांव में आयोजित मेले में देवनाटी का लोग लुत्फ उठाएंगे।