स्कूल के विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित, वन विभाग से तेंदुए को सुरक्षित स्थान में छोड़ने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू )। उपमंडल की ग्राम पंचायत झिकनीपुल और रुसलाह में तेंदुए के आतंक से लोग परेशान हैं। लोगों की शिकायत के बाद भी वन विभाग और वन्य प्राणी विभाग की ओर से कोई पहल नहीं हो रही। इससे पहले कई पालतु पशु और लोग तेंदुए के हमले का शिकार हो चुके हैं। दो वर्ष पूर्व तेंदुआ नेपाली मूल के बच्चे को उठाकर ले गया था, जिसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। पिछले साल भी तेंदुए ने एक बच्चे पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था। गनीमत रही कि लोगों ने एकत्रित होकर मुश्किल से बच्चे को तेंदुए से छुड़ाया।अब एक साल बाद फिर से नार और झिकनीपुल के रास्ते पर तेंदुए नजर आने से आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग दहशत में हैं। ग्राम पंचायत झिकनीपुल के प्रधान गोपाल चौहान ने बताया कि प्रीतम सिंह, हीरा लाल जिंटा, गोविंद जमटा, विक्रम चौहान और सुशील नेगी ने सूचना दी कि उन्होंने नार-झिकनीपुल पैदल रास्ते पर केल्टी नामक स्थान के आसपास तेंदुआ देखा है। यह तेंदुआ इस स्थान पर झाड़ियों में दुबका रहता है। कई बार तो इसकी दहाड़ें दिन में भी सुनाई देती है। तेंदुआ पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से देखा जा रहा है। इसी दौरान कुछ लोगों के पालतू कुत्ते भी गायब हैं। लोगों को आशंका है कि गांव से गायब कुत्तों का शिकार इसी तेंदुए ने किया है। गोपाल चौहान ने बताया कि इसी रास्ते से नार, क्यारनु, बडारा, सूंथ, रावतन, शानग व शेइला सहित आधा दर्जन से अधिक गांव से बच्चे झिकनीपुल पढ़ने के लिए जाते हैं। इस रास्ते पर तेंदुआ नजर आने के बाद विद्यार्थियों के अभिभावकों को बच्चों की चिंता सता रही है। कुछ अभिभावक तो अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और उन्हें स्कूल से लेने खुद आना-ना कर रहे हैं। अगर तेंदुए से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए शीघ्र ही उपाय न किये गए तो कभी भी यह तेंदुआ किसी अनहोनी को अंजाम दे सकता है। उन्होंने वन विभाग एवं वन्य प्राणी विभाग से गुहार लगाई कि तेंदुए को पकड़ कर सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा जाए।