ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर खंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल उन्नू महादेव में मंगलवार रात को भूस्खलन होने के कारण मंदिर की सराय को भारी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान मंदिर की सराय में सो रहे पुजारी और सेवक ने भागकर किसी तरह से जान बचाई। नायब तहसीलदार सराहन भीम सेन नेगी बुधवार को सूचना मिलने के बाद राजस्व टीम के साथ मौके का जायजा लेने उन्नू महादेव मंदिर पहुंचे। उन्नू महादेव के मंदिर परिसर के ऊपर दोनों तरफ से भूस्खलन हो रहा है। यहां बड़ी चट्टान और मलबा गिरने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं का दर्शन करना सुरक्षित नहीं है। पहाड़ी से चट्टानें और मलबा मंदिर के प्रांगण और पूरे परिसर में पहुंच रहा है। इस कारण उन्नू महादेव में मंदिर में दर्शन करने और यहां पर बने प्राकृतिक गर्म पानी के कुंड में स्नान करने पर रोक लगा दी है। उन्नू महादेव मंदिर के महंत बाबा मस्तगिरी और श्रीखंड कैलाश छड़ी यात्रा समिति के अध्यक्ष सुदर्शन सहगल ने बताया कि भूस्खलन के कारण मंदिर की सराय को काफी नुकसान हुआ है। मंदिर में रामपुर, किन्नौर और कुल्लू के अलावा देशभर से श्रद्धालु और साधु महात्मा यहां आते हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मंदिर को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाने और नुकसान की भरपाई के लिए सहायता राशि जारी करने की मांग की है। नायब तहसीलदार भीम सेन नेगी ने बताया कि मंदिर के ऊपर से भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों से मंदिर परिसर में न जाने की अपील की गई है। ज्यूरी पुलिस को भी लोगों को रोकने और मंदिर कमेटी को भी लोगों को अंदर न आने के निर्देश दिए गए हैं।