बर्फबारी के पांच दिन बाद भी पटरी पर नहीं लौटा जन जीवन, निगुलसरी में नहीं थम रहा भूस्खलन का सिलसिला
एचआरटीसी ने रिकांगपिओ से निगुलसरी तक शुरू की बस सेवाएं, जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में सोमवार रात एक बार फिर से तीन जगह हिमखंड गिरने से नेशनल हाईवे अवरुद्ध हो गया है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देर रात भगत नाला में 200 मीटर, टिंकू नाले और जंगी नाले में सौ मीटर बड़ा हिमखंड आ गया। इससे नेशनल हाईवे को बहाल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालत यह है कि भारी बर्फबारी के पांच दिन के बाद भी किन्नौर में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। भारी बर्फबारी के कारण नेशनल हाईवे पांच सहित जिले की 67 सड़कें अब भी अवरूद्ध हैं। हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे समूचे जिले का पिछले पांच दिनों से देश-दुनिया से संपर्क कटा हुआ है। हालांकि एनएचएआई सहित लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन की मशीनें और मजदूर युद्धस्तर पर सड़कों को बहाल करने में जुटे हैं। गौर हो कि जनजातीय जिला किन्नौर में मौसम खुलने के बाद भी हजारों लोगों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। विभिन्न स्थानों पर नेशनल हाईवे पांच बुधवार को भी बाधित रहा। हालांकि पांचवें दिन रिकांगपिओ से निगुलसरी सेक्टर-26 तक एचआरटीसी की बसों की आवाजाही शुरू कर दी गई लेकिन यहां से आगे यात्री जान जोखिम में डालकर रामपुर और शिमला की ओर रवाना हो रहे हैं। निगुलसरी में अभी भी भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार तक समूचे जिले में 10 सड़कें ही बहाल हो पाई हैं। जिले की अन्य सड़कें भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बाधित हैं। इसके अलावा जिले के निगुलसरी, नाथपा, टिंकू नाला, भगत नाला से लेकर पूह तक भी कई स्थानों पर एनएच पांच ठप है। सोमवार देर रात को पांगी नाले के पास बोल्डर और भूस्खलन के कारण करीब 200 सौ मीटर एनएच अवरूद्ध हो गया है। वहीं सीमा सड़क संगठन की सात मशीनें पांगी से लेकर पूह तक एनएच बहाली में जुटी हुई हैं। लोक निर्माण विभाग ने जिले के तीनों खंडों कल्पा, निचार और पूह में 24 मशीनें और सैकड़ों मजदूर तैनात किए हैं। सीमा सड़क संगठन के कार्यवाहक ओसी राजेंद्र सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे पांच को बहाल करने के लिए आठ मशीनें और दर्जनों मजदूर तैनात किए हैं।
कोट्स
लोगों से अपील है कि वे बिना कार्य घरों से बाहर न निकलें। जिले की सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
डॉ अमित कुमार शर्मा, उपायुक्त किन्नौर