संदेश खाली पश्चिम बंगाल में हो रहे अत्याचार पर सख्त कार्रवाई करने की राष्ट्रपति से उठाई मांग
जनजातीय सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। पश्चिम बंगाल के संदेश खाली में अनुसूचित जाति एवं जनजाति महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न के दोषियों और दोषियों काे संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शनिवार को रिकांगपिओ में जनजातीय सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों ने दोषियों और दोषियों को संरक्षण प्रदान करने वालों के विरुद्ध एट्रोसिटी एक्ट के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई करने के लिए उपायुक्त किन्नौर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि संदेशखाली पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के लोग, जिनमें महिलाएं और बालिकाएं शामिल हैं। उन पर वर्षों में अविराम अत्याचार और अमानवीय व्यवहार तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख और उनके गुंडों द्वारा या जा रहा है। उन्होंने बताया कि संदेशखाली द्वीप जो पश्चिम बंगाल में तहत आता है। कोलकाता से 15 किलोमीटर दूर है और उत्तर में 24 परगना में सुंदरवन हैं, जहां पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग कृषि व अन्य कार्य कर जीवनयापन करते हैं। उनकी जमीनों पर तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख और उनके गुंडों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है। साथ ही क्षेत्र की बहुमूल्य संपदा की चोरी की जा रही है। किन्नौर जनजातीय संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता के सदस्य दुर्गा चंद, महेंद्र सिंह सहित अन्य सदस्यों ने राष्ट्रपति से मांग की कि एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित करके संदेशखाली का भ्रमण करके प्रतिवेदन मंगाया जाए और उक्त प्रतिवेदन पर तुरंत कार्रवाई करके दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों को दंंडित किया जाए।