पूह (किन्नौर)। बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण जिला किन्नौर के नदी-नालों में आई बाढ़ से पूह ब्लॉक की ज्ञाबुंब पंचायत का रुश्कंलग गांव खतरे की जद में आ गया है। इससे ग्रामीणों को अपने घरों की चिंता सताने लगी है। ज्ञाबुंग पंचायत के प्रधान ज्ञान सिंह ने बताया कि बीते कई दिनों से भारी बारिश से ज्ञाबुंग होल्डो और ज्ञाबुंग चिंगुल नाला में बाढ़ आने से बगीचों को भारी नुकसान हुआ है।
बाढ़ से रुश्कंलग की उपजाऊ भूमि का कटाव हुआ है। इसके साथ ही पूरे रूशकलंग गांव को बढ़े जलस्तर से खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ का पानी गांव के कई घरों के बिल्कुल नजदीक तक पहुंच गया है। इससे घरों की नींव हिल गई है। इससे ग्रामीणों को मजबूरन पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण तालिंग गांव का पुल और झूला बहने से गांव पूरी तरह से कट चुका है। इससे ग्रामीणों को दुश्वारियां बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा है कि रुश्कंलग गांव को खतरे से बचाने के लिए शीघ्र सुरक्षा दीवार लगाई जाए।
प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को निरस्त करने की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों ने रोपा खड्ड पर प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को निरस्त करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि प्रोजेक्ट बना तो बांध भी बनेगा। बारिश के दौरान बांध का पानी छोड़ा जाएगा, जिससे भयानक विनाश हो सकता है। अभी जब यह हालात है, तो बांध से पानी छोड़ने पर क्या हालात होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।