मान्यता : घरों में परियां करती हैं वास, लोग पकवान बनाकर ईष्ट देवी-देवताओं की करते हैं पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। जिले की भावावैली में ऐतिहासिक फागुली त्योहार शुरू हो गया है। भावावैली में एक सप्ताह तक फागुली त्योहार के दौरान लोग अपने घरों में न तो जोर से म्यूजिक सिस्टम चलाते हैं और न ही किसी प्रकार का शोर शराबा करते हैं। मान्यता है कि इस पवित्र एवं ऐतिहासिक त्योहार के दौरान लोगों के घरों में स्वर्ग लोक से परियां वास करती हैं, जिसे स्थानीय बोली में सावने कहते हैं। त्योहार के पहले दिन लोग घरों की साफ-सफाई करते हैं और रसोई की लाल मिट्टी से लिपाई करते हैं। इसके बाद हर दिन खेतों से निकलने वाले स्थानीय अनाज के तरह-तरह के पकवान बनाकर ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। लोग मानते है कि स्वर्ग लोक से परियां उनके घरों में सुख-समृद्धि लेकर आती हैं। लोग विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, जिससे खेतों में आने वाले सीजन में अच्छी फसल हो। लोग त्योहार के आखिरी दिन स्वर्ग लोक से जो परियां उनके घरों में वास करती हैं, उनको विदाई देने के बाद ही घरों में तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम चलाकर शोर मचाते हैं। परियों के विदाई के बाद ग्रामीण अपने गांव में स्वांग नृत्य दल निकाल कर नाच-गाने का मनोरंजन भी करते हैं। स्वांग नृत्य दल लोगों के घर-घर जाकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं और लोग उन्हें उपहार स्वरूप पैसे और अनाज भेंट करते हैं। सभी ग्रामीण आखिर में एक जगह एकत्रित होकर सामूहिक भोज का आयोजन करते हैं।