संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। हिमाचल प्रदेश सरकार के बनाए गए टीजीटी शास्त्री भर्ती के नये नियमों का अभिभावक आचार्य संगठन राजकीय संस्कृत महाविद्यालय क्यारटू ने विरोध किया है। उनका कहना है कि इन नियमों के तहत बीए कर रहे छात्रों को संस्कृत के मात्र तीन पत्र पढ़ने से भर्ती के लिए योग्य बनाया गया है और एमए संस्कृत छात्रों को भी पात्र बनाया गया है, जो कि अनुचित है। इससे संस्कृत महाविद्यालयों की सार्थकता खत्म हो जाएगी और महाविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वालों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। पीटीए कार्यकारिणी संस्कृत महाविद्यालय क्यारटू जिला शिमला हिमाचल प्रदेश सरकार और प्रशासन से आग्रह किया है कि इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए, जिससे संस्कृत महाविद्यालयों में शास्त्री की शिक्षा ग्रहण करने वालों छात्रों के साथ अन्याय न हो।