रामपुर विकास खंड में डॉक्टरों की भारी कमी, नौ पीएचसी में छह पीएचसी में पद खाली
प्राथमिक उपचार के लिए 25 से 30 किलोमीटर दूर के चक्कर लगाने को मजबूर लोग
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लाख दावे करे लेकिन धरातल पर इन दावों की पोल खुल रही है। रामपुर विकास खंड के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों के न होने से स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। ऐसे में ग्रामीणों को छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए कई किलोमीटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य खंड रामपुर के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्यूरी में 15 अक्तूबर से डॉक्टर का एकमात्र पद रिक्त पड़ा है। स्वास्थ्य सेवाओं के हालात ऐसे हैं कि रामपुर ब्लाक में नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में से छह स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी डाक्टर नहीं है। वहीं सीएचसी गानवीं में भी एक मात्र डाॅक्टर से काम चल रहा है। सीएचसी सराहन में भी डॉक्टर की कमी के कारण मुश्किल से इंडोर ओपीडी चलाई जा रही है। इस कारण ज्यूरी क्षेत्र की करीब एक दर्जन पंचायतों के हजारों लोगों को सरकार की स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। ज्यूरी में पहले से तैनात एकमात्र डॉक्टर के पीजी के लिए जाने के बाद 15 अक्तूबर से पीएचसी एक दंत्त चिकित्सक संभाल रहे हैं। ऐसे में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निजी अस्पतालों या फिर महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल जाना पड़ रहा है। ज्यूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेशनल हाईवे में स्थित होने के साथ एक दर्जन से अधिक पंचायतों का केंद्र बिंदु रहा है। ज्यूरी में ओपीडी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की अपेक्षा काफी अधिक रहती है। नेशनल हाईवे में दुर्घटना होने पर प्राथमिक उपचार के लिए ज्यूरी के स्वास्थ्य केंद्र का प्रयोग किया जाता है, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग पीएचसी ज्यूरी को अपग्रेड करने के बजाय यहां पर एक डॉक्टर की भी व्यवस्था नहीं कर पा रही है। ज्यूरी पंचायत प्रधान तांपा देवी, उपप्रधान अरूण शर्मा, बधाल पंचायत उप प्रधान संजय जिंटू, सदस्य देवराज नेगी और प्रकाश चंद सहित अन्य लोगों का कहना है कि पीएचसी ज्यूरी में पिछले पंद्रह दिनों से डॉक्टर का पद खाली है। क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए 25 से 30 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। सरकार को पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। ज्यूरी कई पंचायतों का केंद्र बिंदु है और नेशनल हाईवे के किनारे होने के कारण यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं दी जानी चाहिए। बीएमओ रामपुर डॉ. आरके नेगी का कहना है कि डॉक्टर के पद खाली होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। ब्लॉक में उनके पास डेपुटेशन में भेजने के लिए कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। नौ पीएचसी में छह पीएचसी में डॉक्टर के पद खाली चल रहे हैं।