प्रशिक्षुओं का भविष्य दांव पर, अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने को मजबूर, अभिभावकों की बढ़ी चिंता
अभिभावकों ने तकनीकी शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को भरने की उठाई मांग
आशीष शर्मा
दलाश (कुल्लू)। आईटीआई दलाश में प्रशिक्षकों की कमी प्रशिक्षुओं पर भारी पड़ रही है। तकनीकी शिक्षा विभाग की अनदेखी के कारण यहां लंबे समय से स्टाफ की कमी चल रही है। इसके कारण विद्यार्थियों को अन्य शिक्षण संस्थानों को दाखिला लेना पड़ रहा है। गौर हो कि आईटीआई में वर्तमान समय में तीन ट्रेड प्लंबरिंग, इलेक्ट्रीशियनऔर इलेक्ट्रॉनिक्स मेकेनिकल विषय में पढ़ाई हो रही है। संस्थान में प्लंबर ट्रेड इंस्ट्रक्टर का पद दो वर्ष से रिक्त चल रहा है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स मेकेनिकल ट्रेड इंस्ट्रक्टर का पद भी रिक्त होने से प्रशिक्षुओं का भविष्य दांव पर लगा है। प्लंबरिंग विषय में 23 और इलेक्ट्रॉनिक्स मेकेनिकल में वर्तमान में नौ प्रशिक्षु शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन दोनों विषय के ट्रेड प्रशिक्षक न होने के कारण प्रशिक्षुओं को आईटीआई दलाश से पलायन करने की नौबत आ गई है, क्योंकि प्रशिक्षुओं को पढ़ाने के लिए दोनों विषय का कोई भी ट्रेड प्रशिक्षक नहीं है। वहीं आईटीआई में प्रधानाचार्य और लिपिक का पद भी रिक्त पड़ा है। दलाश आईटीआई में दूर-दूर से प्रशिक्षु शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। वे यहां किराये पर कमरा लेकर रहते हैं, लेकिन ट्रेड इंस्ट्रक्टर न होने के कारण प्रशिक्षुओं के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। दलाश पंचायत के प्रधान सत्येंद्र शर्मा और उपप्रधान सोहनी राम राठी ने सरकार और तकनीकी शिक्षा विभाग से मांग की कि जल्द रिक्त पदों को भरा जाए। आईटीआई दलाश के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सनम बौद्ध ने बताया कि रिक्त पदों को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित कर लिया गया है।