बल के मूल मंत्र वीरता, दृढ़ और संकल्प को आत्मसात करें जवान : नोगल
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। सत्रहवीं वाहिनी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल रिकांगपिओ ने सोमवार को 36वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर वाहिनी के परेड मैदान में आयोजित परेड की सलामी सत्रहवीं वाहिनी के सेनानी बसंत कुमार नोगल ने ली। हिमवीरों को संबोधित करते हुए सेनानी ने वाहिनी के सभी अधिकारियों और जवानों और उनके परिवारों को वाहिनी के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जवानों से अपील की कि जिस उद्देश्य के लिए सरकार ने हमें तैनात किया है, उसे हम पूरा करें। सीमा सुरक्षा के कर्तव्य को निष्ठा से निभाना है। वर्तमान में यह वाहिनी भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के लिए कौरिक सब सेक्टर में तैनात है। यह वाहिनी भारत-चीन सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर समय-समय पर बचाव कार्यों में भी भाग ले रही है। स्थानीय प्रशासन और जनता के सहयोग से आसपास के गांवों व रिकांगपिओ में स्वच्छता अभियान भी चला रही है। 17वीं वाहिनी भारत-चीन सीमा के सीमावर्ती गांवों में समय-समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे धर्मार्थ एवं नागरिक कार्रवाई कार्यक्रमों के तहत विभिन्न प्रकार की सामग्री वितरित करके स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना जागृत कर रही है। इस अवसर पर सेनानी बसंत कुमार नोगल ने सत्रहवीं वाहिनी के हिमवीरों से अपील की कि भारत सरकार ने उन्हें देश की सीमाओं की रक्षा की जो जिम्मेदारी सौंपी है, उन्हें बल के मूल मंत्र वीरता, दृढ़ और संकल्प को आत्मसात करना चाहिए। कर्तव्य के प्रति समर्पण, अपने कर्तव्यों का भली-भांति पालन करेगा। देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए सदैव तत्पर रहें। इस अवसर पर वाहिनी की परंपरा के अनुसार सैनिकों, उनके परिवारों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया।