नर्सरी पंजीकरण अधिनियम में संशोधन की जरूरत, सर्वोत्तम खेती पशुपालन से ही संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। बागवान हरी चंद रोच ने कहा कि सेब की खेती के लिए गर्मी, प्रकाश, पानी और पोषण चार कारक जरूरी है। सेब विपणन और बागवानी को सुदृढ़ बनाने के लिए एपीएमसी और मार्केटिंग बोर्ड बागवानी मंत्री के अधीन रहना प्राथमिकता है। अभी यह कृषि मंत्री की देखरेख में चल रहे है। बुधवार को रोहडू में उन्होंने बागवानी विशेषज्ञ क्षेत्र के प्रगतिशील बागवानों के साथ एसडीएम कार्यालय में बागवानी को लेकर अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा सेब का फल दबाव और टीएसएस के आधार पर बेचा जा सकता है। पूरी दुनिया में हरा सेब उगाने के लिए रंगीन क्रेटेरिया अनिवार्य नहीं है। इसके लिए बाजार में उपभोक्ताओं तक जागरूकता पहुंचना जरूरी है, जिससे विदेशों की तर्ज पर हरे सेब की मांग बढ़ सके। उन्होंने कहा कि विदेश की तर्ज पर देश में पौधे पंजीकरण के अनुसार नर्सरी पंजीकरण अधिनियम में संशोधन की जरूरत है, जिससे बाजार में खराब ओर घटिया किस्म के पौधों की बिक्री पर प्रतिबंध लग सके। यूनिवर्सल कार्टन को वर्ष 2015 में समिति की मंजूरी के अनुसार नहीं बल्कि आईपीपी के आधार पर बनाया जाना चाहिए, जिससे आकार को अंतरराष्ट्रीय मानक के आधार पर वर्गीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता का फल तैयार करने के लिए सेब का एक फल 25 से अधिक पत्तियों से घिरा होना जरूरी है। बाजार में सेब की बहुतायत को कम करने के लिए 30 प्रतिशत से अधिक सेब के फलों का उपयोग प्रसंस्करण के लिए किए जाने की पहली जरूरत है। उन्होंने कहा कि मार्सोनिना और अल्टरनेरिया रॉयल डिलीशियस के प्रमुख रोग हैं। दोनों रोगों के प्रबंधन पर रोग प्रतिरोधी किस्मों को समय के साथ अपनाना पडेगा। सेब की सर्वोत्तम खेती पशुपालन से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सर्वोत्तम खेती और लाभप्रदता के लिए बागवानी के लिए सामूहिक रूप से वैज्ञानिक को सहकारी आधार पर नियुक्त से आधुनिक खेती को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी बागवान बन सकता पर विशेषज्ञ बनना संभव नहीं है। इस परिचर्चा में विशेषज्ञों और बागवानों के सवालों ने जवाब दिए। परिचर्चा में एसडीएम सनी शर्मा, डॉ. करम सिंह वर्मा उपनिदेशक बागवानी, डॉ. कुशल सिंह मेहता एसएमएस उद्यान विभाग डॉ. कपिल देव मेहता एचडीओ रोहड़ू, डॉ. अगर दास सेवानिवृत्त एचडीओ, प्रगतिशील बागवान भगत सिंह ठाकुर लोकिंद्र बिष्ट अध्यक्ष पीजीए, राजेश चौहान, सौरव चौहान, सतीश रावत सहित अन्य बागवान उपस्थित रहे।