रामपुर कॉलेज में विरासत जागरुकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। पीजी कॉलेज रामपुर में इतिहास विभाग की ओर से ऐतिहासिक डांडी मार्च के उपलक्ष्य पर आयोजित विरासत जागरुकता कार्यक्रम में पारंपरिक बर्तनों ओर सिक्कों के साथ अन्य उत्पादों को पेश कर परंपरा को संजोने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन 80 से अधिक छात्रों ने ग्रामीण और सांस्कृतिक इतिहास की अभिव्यक्ति करने वाली वस्तुओं को प्रदर्शनी सजाई। इसमें रियासतकालीन वस्तुएं, मध्यकालीन सिक्के, चांदी, कांसे, पीतल धातु से निर्मित बर्तन, एक एवं आधे सेर के बाट, 1960 के दशक का तराजू, 1960-70, 80 के दशक का कैमरा, दूरभाष, ऊन कातने के परंपरागत यंत्र, 19वीं शताब्दी की लाठी, बटलोई, ताम्सु, बडडू, चांदी के हार और जाॅर्ज पंचम सहित अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई। पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. विपन शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को इन वस्तुओं की उपयोगिता और ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विरासत जागरुकता सप्ताह के दूसरे चरण में प्राचीन भारतीय इतिहास के विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। तीसरे चरण में पहली बार महाविद्यालय के इतिहास में मौर्यकालीन ब्राह्मी लिपि पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. पंकज बसोतिया ने बताया कि इतिहास विभाग की इस मुहिम की सराहना की है। विद्यार्थियों का कहना है कि इतिहास की जानकारी व्यवहारिक रूप से पाना उनके लिए भी रुचिपूर्ण और नवीन है।