रामपुर बुशहर। बीते कई दिनों से जारी बरसात से रामपुर उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। उपमंडल की नरैण पंचायत में बरसात से हुए भूस्खलन के कारण सैकड़ों सेब के पौधे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि चार ग्रामीणों की गोशालाएं ध्वस्त हो गई हैं। इसके अलावा धारगौरा पंचायत में एक मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है। पंचायत के एक बागवान के बगीचे में भूस्खलन से दो दर्जन के करीब सेब के पौधे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक नरैण पंचायत के दलोग, ब्रांदली, जकधार और मंढोग में भारी बारिश ने खासी तबाही मचाई है।
बरसात से क्षेत्र के बागवानों के बगीचों में भूस्खलन हुआ है। इस कारण करीब चार सौ सेब के पौधे क्षतिग्रस्त हुए हैं। नरैण पंचायत के जकधार निवासी राकेश देष्टा, ज्ञान देष्टा, मंढोग निवासी रमेश चौहान, महेंद्र चौहान, दलोग गांव के प्रेमराज, सुधीर कायथ, वीर सिंह ठाकुर, ब्रांदली गांव के राजेंद्र सिंह, राजेश रांझा और वितेंद्र सिलटा के बगीचों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दलोग गांव के महेंद्र शास्त्री, जगदीश चंद और विश्व देव और जकधार गांव के मूर्त सिंह की गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पंचायत उपप्रधान अविनाश कायथ ने बताया कि भारी बारिश के कारण बागवानों को खासी क्षति पहुंची है।
उन्होंने स्थानीय प्रशासन और बागवानी विभाग से सेब के पौधों और गोशालाओं को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को उचित मदद देने की मांग की है। वहीं धारगौरा पंचायत के कापटी गांव में चरण दास का मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है। घर के सामने डंगा ढहने के कारण मकान को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। हालांकि भूस्खलन से घर के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है। वहीं पंचायत के जलींड गांव में बागवान गीताराम के बगीचे में करीब 20 पौधों को भूस्खलन से क्षति पहुंची है।