स्वास्थ्य केंद्र लालसा और देवठी में चिकित्सक नहीं होने से सैकड़ों लोग घरद्वार मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं नाकाफी, प्राथमिक उपचार के लिए खनेरी और रामपुर जाने को मजबूर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर स्वास्थ्य खंड के अधीन संचालित अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के पद खाली हैं। इस कारण ग्रामीण इलाकों में लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के अस्पतालों में मरीजों की नब्ज टटोलने वाला कोई नहीं है। ऐसे में लोग कई किलोमीटर दूर उपचार करवाने के लिए भटकने को मजबूर हैं। ऐसे ही हालत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालसा और देवठी का भी है। ये संस्थान पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले चल रहे हैं। मजबूरी में क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए 30 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर रामपुर, खनेरी अस्पताल और तकलेच जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों पर दोहरी मार पड़ रही है। मरीजों को भारी भरकम किराया देकर प्राथमिक उपचार करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है तो वहीं आपात स्थितियों में भी मरीजों को घरद्वार पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। देवठी पंचायत के प्रधान संजीव कायथ और लालसा के प्रधान मोहन लाल ने बताया कि सरकार ने करोड़ों की लागत से भवन का निर्माण तो किया है लेकिन मूलभूत सुविधाएं देना भूल गई है। सुविधाएं न होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र शोपीस साबित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से कई बार इस बारे में पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। ग्रामीणों ने इसको लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार चेतावनी दी है। खंड स्वास्थ्य अधिकारी आरके नेगी ने बताया कि अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों के पद खाली चल रहे हैं। विभागीय उच्चाधिकारियों के समक्ष मामले को गंभीरता से उठाया जा चुका है। स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतिनियुक्ति के सहारे संचालित किया जाना मुमकिन नहीं है।